सूचना के अधिकार कानून को समाज कल्याण विभाग का ठेंगा;समाज का नही अपने कल्याण मे जुटे है जिम्मेदार
RTI में गोलमाेल जवाब व आधी-अधूरी जानकारी देकर कानून को ठेंगा दिखा रहे ब्लॉक और जिले के अधिकारी
प्रयागराज के ब्लॉक भगवतपुर से लेकर जिले तक से मागी गयी जानकारी का हाल खोदा पहाड निकली चुहिया जैसा है
अधिनियम के तहत जानकारी देने के लिए मियाद तय कर जवाबदेही भी तय की गई है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी और टालू रवैये के चलते यह कारगर साबित नहीं हो रहा।
सरकारी दफ्तरों के कामकाज में पारदर्शिता और जरूरी जानकारियां जन सामान्य तक पहुंचाने के मकसद से सूचना का अधिकार अधिनियम लागू किया गया है।
बता दे प्रयागराज जनपद के विकासखंड भगवतपुर अंतर्गत समाज कल्याण विभाग मे भ्रष्टाचार की शिकायते लगातार मिल रही थी ।जिसके बाबत ब्लॉक से जब जानकारी मागी गयी तब गोल मोल जवाब दिया गया ।जिसके बाद जनपद स्तर से सही जानकारी हासिल करने का प्रयास उसी RTI के तहत किया गया तो वहा भी वही हाल रहा खोदा पहाड निकली चुहिया जिसके पश्चात उप निदेशक समाज कल्याण विभाग को पत्र भेजकर जानकारी चाही जिसमे वह भी विभाग के कारनामे से शर्मसार हो गये,और सूचना न उपलब्ध कराने पर दुख व्यक्त करते हुए फटकार भी लगायी ।
जिले से लेकर ब्लास्ट तक समाज कल्याण विभाग अपने कल्याण मे लगा हुआ है ।
जबकि प्रदेश की योगी सरकार जोरो टालरेंस नीति के तहत काम करने का प्रयास कर रही है ,लेकिन जिम्मेदार है कि सुधरने का नाम ही नही ले रहे है ।इसमे भी जो जाती व धर्म विशेष के लोग बैठे है वह योगी सरकार को बदनाम करने की साजिश के तहत भी काम कर रहे है ।
क्या कारण है कि एक बेहतरीन इमानदार छवि के रहे अधिकारी अब योगीराज मे समाज कल्याण मंत्रालय देख रहे है फिर भी समाज का भला नही हो पा रहा है ?
आपको बता दे कि हमने दिनाँक 18 अक्टूबर, 2022 को खंड विकास अधिकारी के माध्यम से 6 बिन्दुवार सूचना मागी जिसके पश्चात समाज कल्याण विभाग कि ब्लॉक अधिकारी मोमना बानो ने एक ग्राम पंचायत के अपने समुदाय विशेष सहयोगी से दबाब का प्रयास करवाया जब वहा विफल हुई तब गोल मोल आधी अधूरी जानकारी देकर अपना पल्ला छाड लिया ।उसके पश्चात हमने जिले स्तर से जानकारी की मांग RTI के द्वारा की जिसमे वहा से दिनांक 22/12/22 को एक पत्र आया कि हम जवाबदेह नही है। आप उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग से मांग करे जिसके पश्चात उपनिदेशक से RTI पत्र भेजकर जानकारी मांगी गई ।और आज दिनांक 6/5/23 को उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग से एक जवाबी पत्र आया जिसमे वह दुख व्यक्त करते हुए जिला समाज कल्याण विभाग प्रयागराज पर ठीकरा फोड़ा गया ।और सही जवाब अभी तक आवेदक को नही मिल पाना जीरो टॉलरेंस पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है ।
अब देखना है योगी सरकार और समाज कल्याण के कर्मठ जुझारू इमानदार मंत्री क्या करते है ।
